हैडलाइन

जिला अस्पताल में बिना दवाओं के हो रहा है इलाज

सुलतानपुर, जिला अस्पताल में जीवन रक्षक दवाओं का अकाल पड़ गया है। मंत्री, सांसद, विधायक,अधिकारी सब अपना रुआब दिखाने के लिए यहां चेकिंग तो करते हैं, लेकिन यह जानने की कोशिश नहीं करते कि दवाओं की क्या स्थिति है? सच तो यह है कि उनके रहने तक तो सब ठीक रहता है, लेकिन जाते ही स्थिति जस की तस हो जाती है। इस वक्त कड़ाके की ठंड पड़ रही है। प्रतिदिन दर्जनों मरीज कोल्ड, डायरिया के अस्पताल में आ रहे हैं। बावजूद जरूरी दवाएं तक नहीं है। जिला अस्पताल के पुरुष विभाग में गिनीचुनी दवाएं ही हैं। वहीं महिला अस्पताल का भी यही हाल है। जनऔषधि केंद्र भी दिखावा है। यहां से भी मरीजों को कोई लाभ मिलता नहीं दिख रहा है।वही जन औषधि केन्द्र पर भी सभी दवाएं नहीं मिलती। गरीब जनता को दवाएं खरीद पाना बेहद मुश्किल काम है। दवाओं की कमी के कारण मरीजों और तीमारदारों को बाहर मेडिकल स्टोर का सहारा लेना पड़ता है। हालांकि कि कागजों में जिला अस्पताल के पुरुष वार्ड में 57 दवाएं व महिला वार्ड में 95 दवाएं मरीजों को निश्शुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। ऐसे में सवाल यह है कि फिर मरीजों को बाहर से दवाएं क्यों लेनी पड़ रही हैं?.



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