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मुंबई : हत्या कर ढाबे के पीछे गाड़ दी लाश

मुंबई : अनैतिक संबंधों के चलते ढाबा संचालक ने अपने साथियों की मदद से प्रेमिका के पति को मौत के घाट उतार दिया. इतना ही नहीं अपने ही ढाबे के पीछे उसकी लाश गाड़ दी. लापता व्यक्ति की तलाश में पुलिस जुटी हुई थी. कोई सुराग नहीं मिला, लेकिन क्राइम ब्रांच के यूनिट 2 ने अथक परिश्रम किए और अनसुलझी गुत्थी को सुलझाने में सफलता मिली. पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पकड़े गए आरोपियों में कापसी निवासी अमरसिंह उर्फ लल्लू जोगेंद्रसिंह ठाकुर (20), मनोज उर्फ मुन्ना रामप्रवेश तिवारी (37) और न्यू वाल्मिकी कालोनी, इमामवाड़ा निवासी शुभम उर्फ तुषार राकेश डोंगरे (28) का समावेश है. उनका साथी बाबा खान गिरफ्त से बाहर है. अमर कापसी पुलिया के समीप जोगेंद्र ढाबा चलाता है. मनोज वहां कुक है और बाबा वेटर है. शुभम उसका मित्र बताया जा रहा है. मृतक बाकरे लेआउट, समतानगर, वर्धा निवासी पंकज दिलीपराव गिरमकर (32) बताया गया. पंकज हल्दीराम फैक्ट्री में इलेक्ट्रिशियन का काम करता था और कापसी परिसर में ही रहता था. अमर भी उसी इलाके में रहता है. करीब 6 महीने पहले पंकज की पत्नी और अमर के बीच प्रेम संबंध बन गए. दोनों की मोबाइल पर बातें, चैटिंग और मिलना-जुलना शुरु हुआ. पंकज को इसकी जानकारी मिली. उसने अमर को समझाया, लेकिन बात नहीं बनी. आखिर वह कापसी छोड़कर वर्धा में अपने गांव में जाकर रहने लगा.  

पंकज रोजाना ट्रेन से नागपुर और वर्धा अप डाउन करता था. अजनी स्टेशन से अपनी गाड़ी उठाकर काम पर जाता था. कापसी छोड़ने के बावजूद अमर और पंकज की पत्नी एक-दूसरे के संपर्क में थे. इस वजह से पंकज परेशान था. 2-3 बार उसने अमर को समझाने की कोशिश की. 28 दिसंबर की सुबह पंकज घर से काम पर जाने के लिए निकला. अजनी स्टेशन पहुंचा और गाड़ी लेकर सीधे अमर के ढाबे पर पहुंचा. उसने अमर को समझाने का प्रयास किया. इसी दौरान दोनों के बीच विवाद हो गया. ढाबे पर निर्माणकार्य चल रहा था. अमर ने वहां पड़ी सब्बल उठाकर पंकज के सिर पर मार दी. पंकज वहीं ढेर हो गया. इसके बाद शुभम और अन्य आरोपियों ने भी उसपर घन और सब्बल से वार कर मौत के घाट उतार दिया. किसी को कुछ पता न चले इसीलिए पंकज की लाश को ड्रम में डाल दिया. साफ-सफाई करके दिन ढलने का इंतजार किया.

इस दौरान आरोपियों ने पारडी से 50 किलो नमक खरीदा. कापसी परिसर में ही एक जेसीबी चालक को गड्ढा खोदने के लिए बुलाया गया. उसे बताया गया कि ढाबे के पीछे बाथरूम बनाना है. करीब 10 फुट गहरा गड्ढा खुदवाया गया. रात को आरोपियों ने नमक डालकर पंकज का शव और उसकी बाइक गड्ढे में डाल दी. घमेले और पावड़े से मिट्टी डाल दी, लेकिन इतना बड़ा गड्ढा बुझाने में काफी समय लगता था. इसीलिए दोबारा जेसीबी चालक को फोन कर बुलाया. बाथरुम कहीं और बनाना है कहकर उससे गड्ढा बुझवा लिया. इस दौरान ढाबे पर एक ट्रक आया था. आरोपियों ने पंकज का मोबाइल फोन ट्रक में डाल दिया. दूसरे दिन तक पंकज घर नहीं लौटा तो परिजन परेशान हो गए. धंतोली थाने में उसके लापता होने की शिकायत की. क्राइम ब्रांच का यूनिट 2 पंकज की तलाश में जुटा हुआ था. मोबाइल का लोकेशन पता करने पर राजस्थान में होने की जानकारी मिली. पुलिस को लगा कि वह घर छोड़कर राजस्थान चला गया होगा. इसी दौरान पंकज की पत्नी के अमर के साथ प्रेम संबंध होने की जानकारी मिली. पुलिस ने लगातार ढाबे पर होने वाली गतिविधियों पर निगरानी की. पंकज के गायब होने में कहीं न कहीं अमर का हाथ होने का पूरा संदेह था. उसे हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर हत्या की गुत्थी सुलझ गई. डीआईजी नीलेश भरणे, डीसीपी गजानन राजमाने और एसीपी किशोर जाधव के मार्गदर्शन में इंस्पेक्टर अनिल ताकसांडे पीएसआई लक्ष्मीछाया तांबुसकर, एएसआई मोहनलाल शाहू, हेड कांस्टेबल संतोष मदनकर, रामनरेश यादव, रवि शाहू, सतीश पांडे, योगेश गुप्ता, शेषराव राउत, नीनाजी तायड़े और अरविंद झिल्पे ने कार्रवाई को अंजाम दिया.



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