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दुबई की वह राजकुमारी जो घर से भागी, कहानी में भारत का जिक्र, क्या मिशेल से भी कनेक्शन?

अबु धाबी, अब दो दशक से अधिक का समय बीत चुका है जब एक प्रिंसेस की कहानी पूरी दुनिया का ध्यान खींचा करती थी। उस राजकुमारी का नाम डायना था। पहले डायना की जिंदगी, उनके विवाहेत्तर संबंध के किस्से, उनका कथित 'सेक्स टॉय' जैसी बातें और बाद में एक कार दुर्घटना में उनकी दर्दनाक मौत, दुनिया ने डायना की सारी कहानी खूब पढ़ी। अब एक नई प्रिंसेस और उनसे जुड़ी कंट्रोवर्सी ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह कहानी दुबई की राजकुमारी शेखा लतीफा की है, जिन्होंने 7 सालों की तैयारी कर अपने मुल्क से भागने में तो सफलता हासिल की लेकिन उनकी 'आजादी' फिर छिन गई है। इस राजकुमारी का लिंक भारत और हाल में भारत लाए गए अगुस्टा वेस्टलैंड वीवीआईपी डील के कथित बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल से भी जोड़ा जा रहा है। ताजा जानकारी यह है कि दुबई ने दावा किया है कि प्रिंसेस अपने परिवार के साथ हैं। 

क्या है दुबई की राजकुमारी और राजघराने की कंट्रोवर्सी? 

राजकुमारी शेखा लतीफा दुबई के शासक और यूएई के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम की बेटी हैं। राजकुमारी अल मकतूम के 30 बच्चों में से एक हैं। बीबीसी की डॉक्युमेंट्री के मुताबिक लतीफा ने लगातार 7 सालों तक भागने की तैयारी की थी। अब दुबई के राजघराने की तरफ से उनके लौटने के दावे के साथ एक फ्रेंच जासूस पर लतीफा के अपहरण का आरोप भी लगाया गया है। 

दुबई के शासक की दूसरी बेटी जिसने की भागने की कोशिश 

लतीफा से पहले भी दुबई के शासक की एक बेटी भागने की कोशिश कर चुकी है। यह किस्सा थोड़ा पुराना है। लतीफा से बड़ी राजकुमारी शम्सा ने 2000 में ब्रिटेन के सरे एस्टेट से भागने की कोशिश की थी। कुछ हफ्ते बाद 19 साल की शम्सा को कैंब्रिज से पकड़कर दुबई लाया गया था। यह मामला आज भी अनसुलझा हुआ है क्योंकि यूके की पुलिस को जांच के लिए दुबई आने की अनुमति नहीं मिली। भागने की कोशिश के बाद से शम्सा अबतक सार्वजनिक जीवन में नहीं देखी गई हैं। शम्सा के बाद लतीफा ने सात सालों के दौरान कई बार भागने की असफल कोशिश की, जिसमें एक बार वह कामयाब भी रहीं। 

16 साल की उम्र में राजुकमारी लतीफा ने की थी भागने की कोशिश 

दुबई की इस दूसरे प्रिंसेस ने 16 साल की उम्र में ही भागने की कोशिश की थी। इस साल फरवरी में भागने से पहले लतीफा ने अपना एक विडियो शूट कर कई किस्से सुनाए थे। लतीफा के मुताबिक उस समय उन्हें पकड़ लिया गया था और तीन साल तक जेल में टॉर्चर किया गया। लतीफा ने विडियो में अपने पिता को काफी क्रूर भी बताया है। इसके बाद लतीफा ने दूसरी बार भागने के लिए काफी सावधानी से तैयारी की। 

फ्रांस के पूर्व जासूस और मार्शल आर्ट ट्रेनर दोस्त ने की भागने में मदद 

बीबीसी की डॉक्युमेंट्री के मुताबिक फ्रांस के एक पूर्व जासूस हर्व जॉबर्ट और मार्शल आर्ट ट्रेनर दोस्त टीना ने लतीफा की भागने में मदद की। डॉक्युमेंट्री में टीना बताती हैं कि वह 2014 में दुबई के शाही आवास में लतीफा को ब्राजील का मार्शल आर्ट सिखाने गई थीं। उनके संपर्क में आने के बाद लतीफा ने भागने के लिए उनसे मदद मांगी। लतीफा इसी दौरान पूर्व फ्रेंच जासूस हर्व के संपर्क में भी थीं। 

लतीफा अपनी ट्रेनर के साथ एक छोटी रबर की नाव पर सवार होकर समंदर के रास्ते निकल पड़ीं। लहरों का सामना करते हुए वे दोनों किसी तरह समंदर में अंतरराष्ट्रीय सीमा में पहुंचने में कामयाब रहीं जहां हर्व अमेरिकी झंडे वाली बोट लेकर उनका इंतजार कर रहे थे। लतीफा को लगा कि अब उन्हें दुबई के राजघराने में होने वाली कथित क्रूरता से मुक्ति मिल गई, लेकिन वह गलत थीं। 

यहां से कहानी में शुरू होती है भारत की एंट्री 

लतीफा फ्रेंच जासूस के साथ नाव पर सवार होकर आगे की सफर में निकल पड़ती हैं। गार्जियन ने डॉक्युमेंट्री के आधार पर तैयार की गई रिपोर्ट में बताया है कि यह नाव भारत की ओर बढ़ रही होती है। लतीफा को ऐसा लगता था कि वह वहां सुरक्षित रहेंगी। उन्होंने पहुंचने के बाद फ्लोरिडा के लिए फ्लाइट लेने की योजना बनाई थी। लतीफा फ्लोरिडा में राजनीतिक शरण लेना चाहती थीं। बताया जाता है कि गोवा तट से महज 30 मील पहले लतीफा को पकड़ लिया गया। 

टेलिग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक तीन भारतीय और दो अमीराती युद्धक पोतों ने उनके बोट को घेर लिया। फ्रेंच जासूस ने दावा किया कि उनके और बोट पर सवार क्रू के साथ मारपीट कर कमांडो लतीफा को साथ लेकर चले गए। मीडिया रिपोर्ट्स के भारतीय कोस्टगार्ड ने लतीफा को अपने साथ रखा। अब सूत्रों के हवाले से ऐसी रिपोर्ट आ रही है कि 'भारत द्वारा दुबई से भागी 'राजकुमारी' लतीफा को वापस सौंपने के एवज में अगुस्टा के कथित बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल का प्रत्यर्पण हुआ है। 

मार्च के बाद अबतक नहीं दिखीं लतीफा, यूएन की संस्था ने भारत को लिखा पत्र 

मार्च के बाद से लतीफा को किसी ने देखा है और न ही किसी ने उसके बारे में कोई बात सुनी है। अपने पकड़े जाने से पहले एक विडियो में उसने कहा था, 'अगर आप यह विडियो देख रहे हैं या तो मैं मर चुकी हूं या फिर बहुत बुरी परिस्थिति में हूं।' लतीफा के वकीलों ने यूएन से इस मामले में दखल देले की अपील की और 'राजकुमारी' के गायब होने के पीछे भारत और यूएई को जिम्मेदार बताया। एमनेस्टी का आरोप है कि 'भारत के कमांडो ने बोट पर मौजूद सभी लोगों को बंदूक की नोक पर चुप रहने को कहा और शेखा को ले गए, जबकि वह राजनीतिक शरण की मांग कर रही थी।' 

अब संयुक्त राष्ट्र की एक संस्था ने लतीफा के बारे में भारत को पत्र लिखा है। जबरिया या स्वैच्छिक रूप से लोगों के लापता होने के मामलों को देखने वाली मानवाधिकार परिषद के कार्यकारी समूह ने कहा है कि उसने लतीफा के संबंध में एक रिपोर्ट भारत को भेज दी है। इस बीच, दुबई सरकार ने एक बयान जारी कर कहा है कि लतीफा अपने परिवार के साथ है। हालांकि भारत के विदेश मंत्रालय और भारतीय तटरक्षक बल ने फिलहाल इस संबंध में कोई टिप्पणी नहीं की है। 



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