हैडलाइन

होली मनाने गांव जाने वाले यात्रियों की दिखी भीड़

होली मनाने गांव जाने वाले यात्रियों की दिखी भीड़,


नवी मुंबई। होली और रंगपंचमी अपने दोस्तों रिश्तेदारों के साथ मनाया जाता हैं. अन्य राज्यों सहित महाराष्ट्र के लोग अपने गांव जाकर होली मनाते है. इस वर्ष इस त्योहार की पूर्व संध्या पर शनिवार, रविवार और सोमवार जैसी लगातार छुट्टियों के कारण नवी मुंबई सहित पनवेल इलाके के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर यात्रियों की भीड़ देखा जा रहा हैं. पता हो कि होली-रंगपंचमी अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तरीके से मनाने की परंपरा है. कभी दोस्तों को काला रंग लगाकर गीला करने की विधि होती है तो कभी लाठी (लठमार) से हटाने की विधि होती है. कहीं मीठे गोले खाकर तो कहीं भांग-चना खाकर, नाच-गाकर रंग उत्सव मनाने की परंपरा विकसित की गई है. कई लोग अपने गांवों और कस्बों में मनाए जाने वाले रंगीन त्योहार में भाग लेने के लिए अपने-अपने गांवों और कस्बों की ओर रवाना हो गए हैं।

ट्रेनों में वेटिंग होने के कारण ट्रेवल्स चालक मालामाल

शनिवार को वाशी, जुईनगर, कलंबोली, पनवेल बस डिपो, खारघर में यात्रियों की भारी भीड़ दिखी. खासकर कोंकण जाने वाले लोगो की भीड़ अधिक देखी गई. इनमें से कई लोगों ने एक महीने पहले ही आरक्षण करा लिया था. कोंकण जाने वाली ट्रेनों में भी वेटिंग लिस्ट उतनी ही लंबी देखने को मिली है. कोंकण रेलवे के जरिए होली के लिए स्पेशल ट्रेनों की भी योजना बनाई गई है. अचानक बढ़ी भीड़ का फायदा उठाते हुए टिकट के दाम 15 से 20 फीसदी तक बढ़ा देने का यात्रियों ने बताया. रेलवे ट्रेनों में इतनी भीड़ देखकर यात्रियों ने बहती गंगा में हाथ धोने की भी कोशिश की है. पुणे, नासिक, कोल्हापुर, सोलापुर, छत्रपति संभाजीनगर आदि स्थानों पर जाने के लिए वाहन चालकों की भीड़ देखने को मिली।


होली, रंगपंचमी के लिए सजा बाजार,

आज से होली का त्योहार सुरु हो गया है. नवी मुंबई सहित पनवेल एंव उरण के बाजार में तरह-तरह के रंगों और तरह-तरह की पिचकारियों ने ग्राहकों का ध्यान खींचने लगे है. नागरिक भी खरीदारी के लिए उत्सुक हैं. इस साल कुछ वस्तुओं की कीमतें बढ़ी हैं, हालांकि होली सामग्री की खरीदारी बड़े पैमाने पर की जा रही है. नवी मुंबई, पनवेल, उरण तालुका की कुल आबादी 16 से 22 लाख के बीच है. यह त्यौहार कई समुदायों द्वारा अपने पारंपरिक तरीके से मनाया जाता है. इसी के तहत शहर के बाजारों में जगह-जगह तरह-तरह के रंग और पिचकारी बिक्री के लिए रखे गए हैं. इस वर्ष भी पिचकारी में टैंक, पंप, कार्टून, प्रोजेन, डोरेमोन, मिकी माउस, स्पाइडर मैन आदि खिलौने बिक्री के लिए उपलब्ध हैं. बच्चे कंपनियों से कार्टून पिचकारी खरीदने की प्रवृत्ति है.  इस साल इको फ्रेंडली रंगों की खरीदारी हो रही है.  इनकी मांग बढ़ने से कीमत भी बढ़ गई है. विभिन्न रंगों की टी-शर्ट भी बिक्री के लिए उपलब्ध हैं. होली की खरीदारी के लिए उपभोक्ताओं का अच्छा रिस्पॉन्स मिलने से बाजार में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।



Most Popular News of this Week

काँग्रेस कार्यालयात घुसून...

आदिवासी विद्यार्थी मागील ४८ दिवसांपासून आंदोलन करत आहेत, नाशिकमधून...

आझाद मैदानात आंदोलन करणाऱ्या...

राष्ट्रीय नागरी आरोग्य अभियान (NUHM) अंतर्गत कार्यरत १,७०० हून अधिक...

आदिती तटकरे व राजोल पाटील...

शब्दांच्या कुंचल्यातून मानवी भावना, नात्यांचे पदर आणि प्रेमाची हळवी...

हिंदी पूरे देश में संपर्क की...

हिंदी देशभर में लोगों के बीच संवाद का माध्यम बन रही है। स्थानीय भाषाओं का...

आमदार पंकज भुजबळ यांच्या...

जिल्हा रुग्णालय, नाशिक यांच्या पुढाकाराने तसेच आरोग्य विभागाच्या...

मध्य रेल्वेच्या भोंगळ...

मध्य रेल्वेच्या ढिसाळ नियोजनाचा आणि विस्कळीत वेळापत्रकाचा फटका सोमवारी...