हैडलाइन

परियोजनाप्रभावितों के निर्माण के साथ जमीन का मालिकाना हक नियमित कर सरकारी निर्णय लागू करें- संदीप नाईक 

परियोजनाप्रभावितों के निर्माण के साथ जमीन का मालिकाना हक नियमित कर सरकारी निर्णय लागू करें- संदीप नाईक 
 
नवी मुंबई। परियोजनाप्रभावितों और जरूरतमंदों को जमीन का मालिकाना हक (फ्री होल्ड) के साथ-साथ निर्माण को नियमित कर सरकार के फैसले का 
क्रियान्वित किया जाए, ऐसी मांग पूर्व विधायक और नवी मुंबई भाजपा जिला अध्यक्ष संदीप नाईक ने की है. ऐसा मांग का पत्र लोकनेता विधायक गणेश नाईक ने मुख्यमंत्री, दोनों उपमुख्यमंत्री, सिडको अध्यक्ष, नगर विकास सचिव, सिडको प्रबंध निदेशक को भेजा है।

संदीप नाईक ने जरूरतमंदों के आवास और आजीविका के लिए परियोजना पीड़ितों के निर्माण कार्यों को नियमित करने के सरकार के निर्णय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा,  परियोजना पीड़ितों के मूल गावठाण और विस्तारित गावठाण क्षेत्र के निर्माण कार्यों को नियमित करने के सरकार के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हैं.  वास्तविक भूमि स्वामित्व के साथ निर्माणों नियमित होना चाहिए. जमीनें फ्री होल्ड होनी चाहिए.  इसके लिए लोकनेता विधायक गणेश नाईक लगातार मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, सरकार, नगर विकास खाता, सिडको और संबंधित अधिकारियों से फॉलोअप कर रहे हैं. विधानसभा अधिवेशन से उन्होंने ध्यान खींचने वाला सूचना, तारांकित सवालों, औचित्य के मुद्दे, आधे घंटे की चर्चा के माध्यम से आवाज उठाई है. बैठके किये हैं.अंततः, आवश्यक निर्माणों को नियमित करने के लिए सरकार द्वारा जीआर जारी किया गया.  मुख्य मांग थी कि परियोजना पीड़ितों को जमीन का मालिकाना हक दिया जाये.  22 सितंबर, 2024 को ऐरोली में कोली भवन के भूमिपूजन समारोह में उपस्थित मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के समक्ष एक बार फिर लोक नेता विधायक नाईक ने भूमि स्वामित्व अधिकार के साथ-साथ निर्माणों को नियमित करने की मांग किये. इस अवसर पर दिये गये भाषण में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि परियोजना प्रभावितों के निर्माण कार्यों को मालिकाना हक देकर नियमित किया जायेगा. लेकिन जारी जीआर में जमीन लीज पर देने की बात कही गयी है.  जिसके कारण यह लीज पर न करके जमीन का मालिकाना हक परियोजना पीड़ितों को दिया जाए एंव जीआर को तदनुसार लागू किया जाए।

भेदभाव ना करें

परियोजना पीड़ितों के निर्माण को नियमित करते समय 0 से 250 वर्ग मीटर तक 15 प्रतिशत और 251 से 500 वर्ग मीटर तक 25 प्रतिशत और 501 वर्ग मीटर से अधिक भूमि क्षेत्र के लिए 300 प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा. लेकिन अगर किसी का खेत पैतृक गांव के करीब है, तो वे वहां घर बनाते हैं. अगर किसी का खेत 500 वर्ग मीटर या उससे ज्यादा का है तो उसने वहां घर बना लिया है.  इसलिए सभी से बिना किसी भेदभाव के एक समान 15 प्रतिशत की दर से शुल्क लिया जाए. परियोजना पीड़ितों को कार्यों के नियमितीकरण हेतु भुगतान हेतु पर्याप्त एवं उचित समय दिया जाये. यदि परियोजना पीड़ितों को निर्माण कार्य विकसित करना हुआ तो उन्हें उन्हें अच्छी परिस्थितियों में विकसित करने आना चाहिए. सभी घटकों का समावेश करें, कोई भी घटक छूटना नहीं चाहिए. सरकार के फैसले को समयबद्ध तरीके से सही ढंग से लागू किया जाना चाहिए.  पत्र में इन सभी सुझावों को सरकारी फैसले में लागू करने का अनुरोध मुख्यमंत्री से किया गया है।


Most Popular News of this Week

ठाकरेंचा मोर्चा, देशभर...

 वाशी येथे महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना आणि शिवसेना (उद्धव बाळासाहेब ठाकरे)...

CHEMEXCIL HOSTS 49TH EXPORT AWARDS CEREMONY IN MUMBAI TO HONOUR INDUSTRY...

The Basic Chemicals, Cosmetics & Dyes Export Promotion Council (CHEMEXCIL), set-up by the Ministry of Commerce & Industry, Government of India, successfully held its 49th Export Awards...

मोदी सरकार विरोधात शिवाजी...

केंद्र व राज्यातील भाजपाचे भ्रष्ट सरकार, निवडणूक आयोगाच्या पक्षपाती...

CHEMEXCIL HOSTS 49TH EXPORT AWARDS CEREMONY IN MUMBAI TO HONOUR INDUSTRY...

The Basic Chemicals, Cosmetics & Dyes Export Promotion Council (CHEMEXCIL), set-up by the Ministry of Commerce & Industry, Government of India, successfully held its 49th Export Awards...

स्वातंत्र्यसैनिक वि. ना. पुरव...

चेंबूरमधील स्वातंत्र्यसैनिक, गांधीविचारांचे निष्ठावंत अनुयायी आणि...

महापौर रितू तावडे, उपमहापौर...

मुंबईतील वायू प्रदूषण नियंत्रणासाठी विविध प्रदूषणकारी स्रोतांवर प्रभावी...