हैडलाइन

बेस्ट की हड़ताल का दिख रहा असर, सड़कों पर पसरा सन्नाटा

मुंबई : अलग-अलग मांगों को लेकर बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिसिटी सप्लाइ ऐंड ट्रांसपोर्ट (बेस्ट) के 33 हजार से अधिक कर्मियों की हड़ताल का असर दिखना शुरू हो गया है। मुंबई में सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। बस स्टॉप में कुछ लोग बसों का इंतजार भी कर रहे हैं। शहर में बस सेवा ठप पड़ गई है और रोजाना यात्रा करने वाले कम से कम 25 लाख लोग इससे प्रभावित हुए। बेस्ट कर्मियों की प्रमुख मांग है कि बेस्ट बजट को बीएमसी के मूल बजट में शामिल किया गया जाए। इसके अलावा कर्मचारी सेवा आवास और भर्तियों को लेकर भी मांगें हैं।  

इसमें यह भी कहा गया था कि यदि कोई कर्मचारी यूनियन द्वारा 7 जनवरी की रात से घोषित हड़ताल में शामिल होता है, तो उस पर मेस्मा के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।

बेस्ट के एक प्रवक्ता ने बताया, '27 डिपो में 1812 बसें मॉर्निंग सर्विस के लिए लगाई गई थीं लेकिन एक भी बस डिपो से बाहर नहीं गई हैं।' इसे देखते हुए महाराष्ट्र राज्य परिवहन ने 40 विशेष बसें चलाई हैं। बेस्ट कमिटी के चेयरमैन आशीष चेंबुरकर ने बताया कि वह आज दोपहर नगर निगम प्रमुख अजय मेहता से हड़ताल के संबंध में मुलाकात करेंगे। 

मामले में मंगलवार को ऐक्शन कमिटी की एक मीटिंग होनी है। इससे पहले रविवार को बेस्ट परिवहन के कर्मचारियों ने सोमवार शाम से हड़ताल पर जाने को लेकर घोषणा कर दी थी। यूनियन लीडर शंशाक राव ने तो यहां तक कह दिया था कि प्रशासन द्वारा महाराष्ट्र एसेंशल सर्विस मैंटिनेंस ऐक्ट 2011 (मेस्मा) के तहत कार्रवाई करने पर जेल जाना मंजूर है, लेकिन मांगें नहीं मानी, तो हड़ताल तय है। 

उन्होंने यह भी कहा था कि पिछले डेढ़ सालों से ग्रैच्युटी और वेतन से जुड़े विभिन्न मुद्दों को नजरअंदाज किया जा रहा है। अब जब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाएगा, तब तक हड़ताल नहीं टलेगी। इससे पहले बेस्ट प्रशासन ने सर्क्युलर जारी कर विभिन्न विभागों को उनके अंतर्गत काम करने वाले किसी भी कर्मचारी को 7 जनवरी से छुट्टी नहीं देने का आदेश दिया था। सर्क्युलर में बताया गया है कि महाराष्ट्र सरकार ने 4 जनवरी को बेस्ट की दो सर्विस को मेस्मा के अंतर्गत शामिल किया है। इसमें इलेक्ट्रिक सप्लाइ और ट्रांसपोर्ट की सर्विस है। 

इसमें यह भी कहा गया था कि यदि कोई कर्मचारी यूनियन द्वारा 7 जनवरी की रात से घोषित हड़ताल में शामिल होता है, तो उस पर मेस्मा के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। 4 जनवरी को महाराष्ट्र सरकार के शहरी विकास विभाग की ओर से बेस्ट की दो सर्विस को मेस्मा के अंतर्गत लाने की जानकारी दी गई थी। वहीं, कर्मचारियों ने कहा है कि उन्हें मेस्मा से डर नहीं लगता। 

-कर्मचारियों की मुख्य मांग बेस्ट बजट का बीएमसी बजट में विलय की है, जिससे फंड की कमी से जूझ रहे कॉर्पोरेशन की स्थिति सुधर सके। 

बेस्ट के पास लाल रंग की 3,200 से अधिक बसें हैं जो शहर के अलावा निकटवर्ती ठाणे जिले और नवी मुंबई में सेवाएं देती हैं। यह लोकल ट्रेन के बाद मुंबई में यातायात का सबसे बड़ा साधन है। इन बसों से लगभग 80 लाख यात्री रोजाना यात्रा करते हैं। एक सूत्र ने बताया कि कर्मियों के हड़ताल पर जाने से बेस्ट को प्रतिदिन तीन करोड़ रुपए का नुकसान होने का अनुमान है। '''



Most Popular News of this Week

वाढदिवसाचा स्नेहस्पर्श -...

मुंबईच्या महापौर श्रीमती रितू तावडे यांनी आज (दिनांक १८ एप्रिल २०२६) आपल्या...

डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर यांच्या...

भारतीय राज्यघटनेचे शिल्पकार, महामानव डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर यांच्या...

महामानव भारतरत्न...

भारतरत्न डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर यांच्या १३५ व्या जयंतीनिमित्त ठाणे...

महात्मा फुले जयंती पर मुंबई...

 महात्मा जोतीराव फुले की १९९वीं जयंती के शुभ अवसर पर बहुजन, ग्रामीण एवं...

SAMUDRA SAHAS SAILING EXPEDITION FLAGGED OFF FROM MUMBAI AS PART OF REGIMENT OF...

The Samudra Sahas Sailing Expedition, undertaken by the Regiment of Artillery as part of its bicentenary celebrations, was ceremonially flagged off by Lieutenant General N. S. Sarna, PVSM, AVSM, SM,...

संसदीय राजनीति में रामदास...

रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (A) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय राज्य...