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संसदीय राजनीति में रामदास आठवले ने रचा नया इतिहास! 'हाई रेंज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में सबसे लंबी पारी का वैश्विक कीर्तिमान दर्ज

रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (A) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय राज्य मंत्री माननीय रामदास आठवले के नाम एक अत्यंत गौरवशाली वैश्विक उपलब्धि दर्ज हुई है। अंबेडकरवादी रिपब्लिकन आंदोलन के इतिहास में 'सबसे लंबे समय तक संसदीय सेवा देने वाले जनप्रतिनिधि' के रूप में उनका नाम अब आधिकारिक तौर पर 'हाई रेंज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' (High Range World Records) में दर्ज किया गया है। भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की १३५वीं जयंती के पावन अवसर पर इस विश्व रिकॉर्ड की घोषणा की गई है, जो पूरे रिपब्लिकन आंदोलन के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है।

२३ वर्षों का ऐतिहासिक और अटूट सफर

रामदास आठवले ने १९९८ में पहली बार संसद में कदम रखा था और तब से आज तक उन्होंने संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में प्रभावी नेतृत्व किया है। उनकी इस रिकॉर्ड तोड़ यात्रा की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

• कुल संसदीय कार्यकाल: उन्होंने २३ वर्षों से अधिक समय तक निरंतर संसद में प्रतिनिधित्व किया है।

• लोकसभा में प्रतिनिधित्व: १९९८ (मुंबई उत्तर मध्य), १९९९ (पंढरपुर) और २००४ (पंढरपुर) के रूप में वे तीन बार लोकसभा के सदस्य रहे।

• राज्यसभा में प्रतिनिधित्व: २०१४ से वे लगातार दूसरी बार राज्यसभा सांसद के रूप में देश की सेवा कर रहे हैं।

• मंत्री पद: वर्तमान में वे केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री के रूप में समाज के वंचित और शोषित वर्गों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण निर्णय ले रहे हैं।

तुलनात्मक विश्लेषण: दिग्गजों की सूची में शीर्ष स्थान

अंबेडकरवादी आंदोलन के इतिहास में कई महान नेताओं ने संसद में अपना योगदान दिया है, लेकिन रामदास आठवले ने सबसे लंबे समय तक सांसद रहने का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। अन्य प्रमुख नेताओं के कार्यकाल की तुलना में उनकी सफलता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है:

• रामदास आठवले: लगभग २३ वर्ष (और यह रिकॉर्ड अभी भी जारी है)।

• बैरिस्टर राजाभाऊ खोबरागड़े: लगभग १८ वर्ष (राज्यसभा - कई कार्यकाल)।

• कर्मवीर दादासाहेब गायकवाड़: लगभग १२ से १४ वर्ष (लोकसभा और राज्यसभा)।

• प्रकाश अंबेडकर: लगभग १२ वर्ष (राज्यसभा और लोकसभा)।

• आर. एस. गवई: लगभग १२ वर्ष (राज्यसभा - कई कार्यकाल)।

• बी. पी. मौर्य: लगभग ९ वर्ष (आरपीआई के रूप में)।

• जोगेंद्र कवाडे: लगभग ६ वर्ष (राज्यसभा)।

• डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर: लगभग ४ वर्ष (राज्यसभा - १९५२ से १९५६ तक)।

महत्वपूर्ण निष्कर्ष

आंकड़ों के अनुसार, रामदास आठवले का संसदीय कार्यकाल बैरिस्टर राजाभाऊ खोबरागड़े के १८ साल के कार्यकाल से ५ साल अधिक है। वहीं, यह प्रकाश अंबेडकर और आर. एस. गवई के १२ साल के कार्यकाल की तुलना में लगभग दोगुना है। सबसे उल्लेखनीय तथ्य यह है कि स्वयं डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर का संसदीय कार्यकाल ४ वर्ष का था, जिसकी तुलना में आठवले जी की सेवा पांच गुना से भी अधिक है।

'हाई रेंज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' द्वारा दिया गया यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि रामदास आठवले ने न केवल राजनीति की है, बल्कि अंबेडकरवादी विचारधारा की मशाल को संसद में निरंतर प्रज्वलित रखा है। एक सामान्य कार्यकर्ता से लेकर विश्व रिकॉर्डधारी सांसद तक का उनका यह सफर आने वाली पीढ़ी के कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का एक महान स्रोत साबित होगा।


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