नई दिल्ली: राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग (NSC) से दो सदस्यों के इस्तीफे के बाद विपक्ष के निशाने पर आई सरकार को सफाई देनी पड़ी। केंद्रीय सांख्यिकी व कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय ने कहा कि इस्तीफा देने वाले कार्यकारी अध्यक्ष पी.सी.मोहनन और जे.वी. मीनाक्षी ने पिछले महीनों में हुई आयोग की बैठकों में जीडीपी के बैक-सीरीज डेटा को लेकर कभी आपत्ति नहीं जताई, ना ही श्रम सर्वेक्षण का डेटा जारी करने में देरी पर सवाल उठाए। जुलाई 2017 से दिसंबर 2018 के रोजगार डेटा पर काम चल रहा है, उसी के बाद रिपोर्ट जारी होगी। बता दें कि मोहनन ने 2017-18 के रोजगार सर्वे का डेटा जारी करने में देरी को भी इस्तीफे की वजह बताया था।