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मुंबई : देवेंद्र और राज ठाकरे के बीच डेढ़ घंटे तक मुलाकात, गठबंधन की अटकलें तेज

मुंबई : बीजेपी से शिवसेना द्वारा रिश्ता तोड़ लिए जाने के बाद बीजेपी अब राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के साथ नया रिश्ता बनाने की कोशिश में है। मंगलवार को एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस के बीच डेढ़ घंटे की गुपचुप मुलाकात से यह संकेत मिल रहे हैं। दोनों के बीच क्या बातचीत हुई, यह तो स्पष्ट नहीं हैं लेकिन इस मुलाकात से महाराष्ट्र में नए समीकरण की चर्चाएं तेज हो गई हैं। बीजेपी और एमएनएस के बीच संभावित गठबंधन की अटकलों का बाजार गर्म है। सूत्रों के अनुसार, फडणवीस ने मुंबई के प्रभादेवी इलाके के एक पॉश होटल में में ठाकरे से मुलाकात की। मुलाकात के बाद दोनों नेता एकसाथ मीडिया की नजर से बचने के लिए होटेल के अलग-अलग दरवाजों से बाहर निकले। बता दें कि लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एमएनएस चीफ राज ठाकरे के निशाने पर रहे। यही नहीं अपनी बात को साबित करने के लिए राज ठाकरे ने रैलियों में मल्टिमीडिया प्रजेंटेशन का भी इस्तेमाल किया था। ऐसे में इस मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं।

बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी की सरकार बनने के बाद राज ठाकरे ठोस राजनीति की नई जमीन तलाशने में जुटे हैं। यह भी कहा जा रहा है कि शिवसेना के अलग होने के बाद से ही राज ठाकरे ने बीजेपी से बातचीत शुरू कर दी थी। एमएनएस चीफ बीजेपी के हाथ मिलाकर महाविकास अघाड़ी के जवाब में हिंदुत्व विचारधारा की राजनीति की जमीन तैयार कर सकते हैं। राज ठाकरे अपने चचेरे भाई और महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे के शपथग्रहण में शामिल हुए थे लेकिन इस दौरान वह काले कपड़ों में नजर आए जिससे कई सवाल उठे और इसकी वजह शिवसेना का कांग्रेस से हाथ मिलाना बताया गया। चर्चा यह भी है कि राज ठाकरे अपनी पार्टी के झंडे का रंग भी बदलने जा रहे हैं और इसे भगवा करने जा रहे हैं। वर्तमान में एमएनएस के झंडे में तीन रंग हैं- केसरिया, हरा और नीला। पार्टी के ऑफिशल ट्विटर से भी पुराने झंडे की तस्वीर को हटा दिया गया है।

बता दें कि 2019 लोकसभा चुनाव से पहले राज ठाकरे ने पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव प्रचार किया था, जिसके बाद उन्हें एनसीपी नेतृत्व का करीबी बताया जाने लगा। बता दें कि राज ठाकरे शिवसेना अध्यक्ष और महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे के चचेरे भाई हैं। महाराष्ट्र में अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही एमएनएस को विधानसभा चुनाव में सिर्फ एक सीट ही मिली थी। 23 जनवरी को एमएनएस के कार्यकर्ताओं का सम्मेलन है। इस सम्मेलन में राज ठाकरे कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं। कहा जा रहा है कि यह बड़ी घोषणा नागरिकता संशोधन कानून पर पूरे देश में अलग-थलग पड़ चुकी बीजेपी को राहत देने वाली हो सकती है।



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