एडिलेड टेस्ट: भारत ने पांचवें दिन ऑस्ट्रेलिया के पुछल्ले बल्लेबाजों के खेलने के बावजूद सोमवार को यहां पहला टेस्ट मैच 31 रन से जीतकर चार मैचों की श्रृंखला में 1-0 से बढ़त बनाई. यह पहला अवसर है जबकि भारत ने ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर श्रृंखला का पहला टेस्ट जीता.
जीत की कहानी कप्तान कोहली की जुबानी
जीत के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कप्तान कोहली ने कहा कि 'टेस्ट क्रिकेट में ये सब होता रहता है. आपको सिर्फ शांत रहने की जरूरत होती है.' उन्होंने कहा कि मैच के दौरान उन पर भी थोड़ा दबाव था. कोहली ने कहा, 'उन्होंने शानदार जज्बा दिखाया. मैं ये नहीं कहूंगा कि मैं बर्फ की तरह ठंडा था लेकिन आप ऐसा (खुद पर दबाव होना) दिखा नहीं सकते. जसप्रीत अपने आखिरी ओवर में जरूरत से ज्यादा कोशिश कर रहे थे और मैंने उन्हें शांत रहने को कहा था.' विराट कोहली ने कहा कि उन्हें अपने गेंदबाजों पर गर्व है. कोहली ने कहा, 'मुझे अपने गेंदबाजों पर गर्व है. हम चार गेंदबाजों के साथ उतरे थे और उन्होंने पूरे 20 विकेट झटके. 20 विकेट लेना बहुत बड़ी उपलब्धि है. ऐसा हम पहले नहीं कर सके थे.' विराट कोहली ने चेतेश्वर पुजारा की भी जमकर तारीफ की. कोहली ने कहा कि पुजारा ने जिस तरह की बल्लेबाजी की वो काबिलेतारीफ था. उन्होंने हमें दबाव से उबारा और पहली पारी में शतक लगाया. इसके अलावा दूसरी पारी में भी उन्होंने रहाणे के साथ मिलकर शानदार खेल दिखाया.
323 रनों का था टारगेट
ऑस्ट्रेलिया 323 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 291 रन तक ही पहुंच पाया. ऑस्ट्रेलिया का स्कोर एक समय चार विकेट पर 84 रन था और भारत की जीत चौथे दिन ही तय लग रही थी लेकिन इसके बाद अगले पांच विकेट के लिए 31, 41, 31, 41, 31 के साथ और आखिरी विकेट के लिए 32 रन की साझेदारी निभाई गई जिससे भारत की जीत का इंतजार बढ़ा.
भारत की यह ऑस्ट्रेलिया में कुल छठी जबकि एडिलेड ओवल में दूसरी जीत है. इस मैदान पर भारतीय टीम ने इससे पहले 2003 में जीत दर्ज की थी. भारत ने दस वर्ष बाद ऑस्ट्रेलिया को उसकी सरजमीं पर हराया.
चेतेश्वर पुजारा रहे भारतीय टीम के हीरो
भारत की जीत के नायक निश्चित तौर पर चेतेश्वर पुजारा रहे जिन्होंने 123 और 71 रन की दो बेहतरीन पारियां खेली. इसके लिए उन्हें मैन आफ द मैच चुना गया. भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट 41 रन पर गंवा दिये और यह पहला अवसर है जबकि वह चोटी के चार विकेट 50 रन के अंदर गंवाने के बावजूद मैच जीतने में सफल रहा. भारत ने पहली पारी में 250 रन बनाए और ऑस्ट्रेलिया को 235 रन पर रोक दिया. भारत ने दूसरी पारी में अंतिम पांच विकेट 25 रन के अंदर गंवाने के बावजूद 307 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा था.
ऋषभ पंत ने वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की
विकेटकीपर ऋषभ पंत के लिये भी यह टेस्ट खास रहा. उन्होंने मैच में कुल 11 कैच लेकर इंग्लैंड के जैक रसेल और दक्षिण अफ्रीका के एबी डिविलियर्स के विश्व रिकार्ड की बराबरी की. इस मैच में कुल 35 कैच लिये गए जो कि विश्व रिकार्ड है.
गेंदबाजों ने अंत में किया कमाल
भारतीय गेंदबाजों मोहम्मद शमी (65 रन देकर तीन), जसप्रीत बुमराह (68 रन देकर तीन) और रविचंद्रन अश्विन (92 रन देकर तीन) ने तीन -तीन विकेट लिए जबकि इशांत शर्मा (48 रन देकर एक) को एक विकेट मिला. ऑस्ट्रेलिया ने मैच के पांचवें दिन सुबह चार विकेट पर 104 रन से पारी आगे बढ़ाई लेकिन ट्रेविस हेड (14) और शान मार्श (60) की साझेदारी केवल 7.4 ओवर तक चली. भारत ने पुरानी कूकाबुरा गेंद से सफलता हासिल करने में देर नहीं लगाई. हेड सुबह आउट होने वाले पहले बल्लेबाज थे. इशांत के सटीक बाउंसर का उनके पास कोई जवाब नहीं था. गेंद हेड के बल्ले से लगकर हवा में तैरती हुई गली में गई जहां अजिंक्य रहाणे ने उसे कैच करने में कोई गलती नहीं की.
मार्श सहज होकर खेल रहे थे. उन्होंने 160 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया जो चौथी पारी में उनका पहला पचासा भी है. यह कुल मिलाकर उनका दसवां टेस्ट अर्धशतक है. बुमराह ने भारत को मार्श का विकेट दिलाया. यह महत्वपूर्ण मोड़ 73वें ओवर में आया जब बाहर की तरफ मूव करती गेंद मार्श के बल्ले का किनारा लेकर पंत के दस्तानों में समा गई. बुमराह ने इसके बाद कप्तान टिम पेन (41) को गलत टाइमिंग से पुल शाट खेलने की सजा दी. पंत ने दौड़ लगाकर हवा में लहराता कैच लिया जो उनका मैच में दसवां कैच था.
भारतीय पुछल्ले बल्लेबाजों से उलट ऑस्ट्रेलिया के निचले क्रम के बल्लेबाजों ने गजब का धैर्य और जज्बा दिखाया और भारत को जीत के लिये संघर्ष कराया. ऑस्ट्रेलिया के आखिरी चार बल्लेबाजों ने 107 रन जोड़े जिसमें नाथन लियोन ने सर्वाधिक नाबाद 38 रन बनाये जबकि पैट कमिन्स (28) ने 121 गेंदों तक एक छोर संभाले रखा. कमिन्स ने एक छोर संभाले रखने को तरजीह दी. उन्होंने पेन के साथ सातवें विकेट के लिये 31, मिशेल स्टार्क (28) के साथ आठवें विकेट के लिये 41 और फिर लियोन के साथ नौवें विकेट के लिये 31 रन की साझेदारियां की. कमिन्स को इस बीच दो बार डीआरएस से फायदा भी मिला. पंत ने इस बीच शमी की गेंद पर स्टार्क का कैच लेकर विश्व रिकार्ड की बराबरी की. कमिन्स की पारी का अंत आखिर में बुमराह ने किया. कप्तान विराट कोहली पहली स्लिप में कैच लेने के बाद बल्लियों उछलने लगे थे.
लियोन और जोश हेजलवुड (13) ने हालांकि जल्द ही भारतीयों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी. मैच रोमांचक मोड़ पर पहुंच रहा था लेकिन एक छोर से लगातार गेंदबाजी करने वाले अश्विन ने आखिर में हेजलवुड को ललचाकर कैच देने के लिये मजबूर किया. इसके साथ ही भारतीय खिलाड़ी और प्रशंसक जीत के जश्न में डूब गये. कोहली दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट मैच जीतने वाले पहले भारतीय कप्तान बन गए. दूसरा टेस्ट मैच 14 दिसंबर से पर्थ में खेला जाएगा.