ठाणे : ठाणे जिले
के शहरी और
ग्रामीण भागों के राष्ट्रीय
महामार्ग और अन्य
सड़कों पर कुल
१०७ ब्लैक स्पॉट
होने की डरावनी
जानकारी सामने आई है।
जिला अधिकारी कार्यालय
के सड़क सुरक्षा
समिति में इस
बात का खुलासा
अधिकारियों द्वारा किया गया
है। अधिकारियों का
कहना है कि
ग्रामीण भागों में कचरों
को जलाने से
उत्पन्न हुए धुएं
और डिवाइडर तोड़े
जाने के कारण
इन ब्लैक स्पॉटों
का निर्माण हुआ
है।
बता दें कि ठाणे जिले से होकर जानेवाले महामार्ग और सड़कों पर कुल १०७ ब्लैक स्पॉट मौजूद हैं। इन ब्लैक स्पॉटों पर दुर्घटना के बाद मृतकों की संख्या अधिक पाई गई है। ठाणे शहर में राष्ट्रीय महामार्ग पर १८, राज्य महामार्ग पर १२ और अन्य सड़कों पर कुल २९ ब्लैक स्पॉट मौजूद हैं, इसी प्रकार ग्रामीण भागों में राष्ट्रीय महामार्ग पर २७, राज्य महामार्ग पर ११ ब्लैक स्पॉट हैं तो वहीं नई मुंबई भाग में १० ब्लैक स्पॉट मौजूद हैं। इसी प्रकार द्रुतगति मार्ग पर १ ब्लैक स्पॉट मौजूद है, ऐसी जानकारी सड़क समिति सदस्य और उप प्रादेशिक परिवहन अधिकारी श्याम लोही ने बैठक में दी। साथ ही श्याम लोही ने बताया कि पेट्रोल पंप, ढाबों और होटलवालों ने अपनी सुविधा के लिए शाहपुर से कसारा तक राष्ट्रीय महामार्ग के डिवाइडर ता़ेड डाले इसलिए इन ब्लैक स्पॉटों का निर्माण हुआ है। इसके अलावा शाहपुर से पड़घा मार्ग के समीप स्थित गांव के नागरिकों द्वारा कचरा डाला जाता है और उसे नष्ट करने के लिए आग लगाई जाती है, जिस वजह से भारी मात्रा में प्रदूषण होता है, जिस वजह से वाहन चालकों को आगे की सड़क नजर नहीं आती, इसी वजह से दुर्घटनाओं में वृद्धि पाई जा रही है। इन समस्याओं को हल करने हेतु ब्लैक स्पॉटों के लिए अधिकारियों की समिति तैयार कर उन ब्लैक स्पॉटों को सुरक्षित स्पॉट में परिवर्तित किया जाएगा। साथ ही सड़कों पर बैनर जेब्रा क्रॉसिंग और सड़कों को रंगने का कार्य सार्वजनिक निर्माण विभाग को जल्द से जल्द करने का आदेश दिया गया है।