22 दिसंबर की रात इंडोनेशिया के लोगों ने अचानक कयामत की झलक देखी. कयामत की उस आग में 281 लोग मारे गए. हजार से ऊपर घायल हुए और सैकड़ों अब भी लापता हैं. ज्वालामुखी से आई मौत के ज़लज़ले के बाद आंसुओं की सुनामी जब थमी तो जमीन और खामोश समंदर की लहरें अपने पीछे बर्बादी की वो कहानियां छोड़ गईं जो बरसों सुनी और सुनाई जाती रहेंगी.