भाजपा का घोषणापत्र मतलब 'फेकुनामा', जनता अब मूर्ख नहीं बनेगी- नाना पटोले
चुनाव आते ही भाजपा को किसानों, छोटे व्यापारियों, युवाओं की याद
मुंबई। सत्ता में होकर 10 साल तक किसानों, छोटे व्यापारियों और युवाओं को छोड़ने वाली भारतीय जनता पार्टी को लोकसभा चुनाव में फिर इनकी याद आई और घोषणा पत्र में उनका जिक्र किया है. भाजपा ने नौकरी के नाम पर देश के युवाओं को धोखा दिया, किसानों की आय दोगुनी करने का कहकर किसानों को धोखा दिया है, जीएसटी के माध्यम से अदानी की जेबें भरने के लिए छोटे व्यापारियों और जनता को धोखा दिया और फिर से भाजपा इन तत्वों को धोखा देने का प्रयास कर रही है. भाजपा का घोषणापत्र मतलब 'फेकूनामा' है और जनता अब बीजेपी के इस 'चुनावी जुमलेबाजी' में फंसेगी नहीं, ऐसा हल्लाबोल महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नाना पटोले ने किया है।
नाना पटोले ने नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने पिछले 10 साल तक सिर्फ अदानी के लिए काम किया, यह सरकार अदानी सरकार थी लेकिन अदानी का घोषणापत्र में हिस्सा होना चाहिए था, लेकिन वैसा दिखाई नही दे रहा है. समान नागरिक संहिता का वादा भी पिछले चुनाव में किया गया था लेकिन भाजपा ने अब तक इसे लागू क्यों नहीं किया, उन्हें किसने रोका? एक राष्ट्र, एक चुनाव का मतलब अब कोई चुनाव लेंगे नहीं है. भाजपा ने जो मुद्दे 2014 और 2019 में कहे थे वही मुद्दे आज के घोषणा पत्र में भी हैं. जनता अब भाजपा के झूठे वादों में नहीं फंसेगी. जनता ने लोकसभा चुनाव में भाजपा को घर बैठाने का संकल्प ले लिया है।
महिलाओं का अपमान करने वाले नितिन गडकरी मांगे माफी
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, केंद्रीय मंत्री और भविष्य के प्रधान मंत्री नितिन गडकरी चंद्रपुर में एक बैठक में निचले स्तर तक पहुंच गए. हमारे उम्मीदवार शिलाजीत खाया हुआ पहलवान बताकर गडकरी ने महिला वर्ग का अपमान किया है. नितिन गडकरी को बताए कि शिलाजीत क्यों खाया जाता है. नाना पटोले ने यह भी कहा कि महिलाओं का अपमान करने वाले नितिन गडकरी को माफी मांगनी चाहिए।