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हिंदुत्व को छोड़ने वाले उबाठा के उम्मीदवार मुस्लिम वोटों के कारण चुनकर आए- मंत्री दीपक केसरकर की आलोचना

हिंदुत्व को छोड़ने वाले उबाठा के उम्मीदवार मुस्लिम वोटों के कारण चुनकर आए


 मंत्री दीपक केसरकर की  आलोचना


मुंबई। जैसे ही मुस्लिम समुदाय उबाठा के हिंदू धर्म छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने को लेकर आश्वस्त हो गया, तो उन्होंने लोकसभा चुनाव में फतवा निकाल कर उबाठा के उम्मीदवारों को इकट्ठा वोट दिए। केवल मुस्लिम वोटों के कारण ही उबाठा के उम्मीदवार चुने गए, ऐसे कड़े शब्दों में राज्य के शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर ने आलोचना की।  हम चुनाव में महागठबंधन की हार स्वीकार करते हैं।  मंत्री दीपक केसरकर ने विश्वास जताया कि हम गलतियों को सुधारेंगे और नई ऊर्जा के साथ जनता के पास लौटेंगे।


उन्होंने आगे कहा कि पिछले दो दिनों से महाराष्ट्र में उबाठा एक अलग तस्वीर बन रही है। जिसमें ये दिखाने की कोशिश की जा रही है कि मराठी वोटर शिवसेना के साथ नहीं हैं। लेकिन 13 में से 7 सीटों पर हमने उबाठा ग्रुप के उम्मीदवारों को हरा दिया.  मुंबईकरों के वोट और मराठी सारे मराठी वोट शिवसेना को मिले।  मंत्री दीपक केसरकर ने कहा कि मुंबई में 80 फीसदी मतदाता शिवसेना के साथ हैं। मंत्री केसरकर ने माना कि जिन 6 जगहों पर शिवसेना के उम्मीदवार हारे, वहां उम्मीदवारी घोषित करने में देरी करने का असर उन पर पड़ा।  मुंबई में उबाठा उम्मीदवारों के लिए फतवे जारी किए गए।  मंत्री केसरकर ने दावा किया कि अन्यथा उबाठा का उम्मीदवार एक से डेढ़ लाख वोटों से हार जाता।


 पाकिस्तान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हराने की साजिश रची गई, पाकिस्तान में दो मंत्री मोदी को हराने की मांग कर रहे थे और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि यहां कुछ लोग सुन रहे थे।  दलित भाइयों को झूठा प्रचार कर गुमराह किया गया कि चुनाव में संविधान बदल दिया जायेगा।  मराठा आंदोलन के दौरान मराठा बनाम ओबीसी विवाद खड़ा हो गया।  लेकिन चुनाव में कुछ जगहों पर वोटिंग तय थी।  जिससे महायुति के बड़े नेताओं की हार हुई। उन्होंने कहा, ''इसका भी विश्लेषण करने की जरूरत है.''  


 जिस शिवसेना की शुरुआत कोंकण से हुई उस कोंकण में  सिंधुदुर्ग से लेकर पालघर तक उबाठा को एक भी सीट नहीं मिली।  इससे पता चला कि कोंकणी लोग शिवसेना का समर्थन कर रहे हैं.  कोंकण की जनता ने नारायण राणे को चुना। वहां की जनता ने अपनी स्पष्ट राय देते हुए कहां की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी को दोबारा इस देश का नेतृत्व करना चाहिए।  आपको विपक्षी दल के रूप में वोट मिला है।  वंदनीय बाळासाहेब को सत्ता की परवाह नहीं थी।  मंत्री दीपक केसरकर ने कहा कि अगर उद्धव ठाकरे को महाराष्ट्र से प्यार है तो उन्हें दिल्ली जाकर शरद पवार को विपक्षी दल का पद दिलाने की कोशिश करनी चाहिए।
 


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