पनवेल के लोगो का सप्ताह में एक दिन होगा सूखा
पनवेल। पनवेल शहर के नागरिकों को हर साल की तरह इस साल भी अपर्याप्त जलापूर्ति के कारण गुरुवार से जलसंकट का सामना करना पड़ेगा. पनवेल मनपा ने मंगलवार को एक सार्वजनिक नोटिस जारी की है. जिसमें यह बताया गया कि किस जलाशय से पानी सप्ताह के किस दिन नहीं मिलेगा. पिछले साल पानी का नियोजन 29 दिसंबर को करना पड़ा था. लेकिन इस वर्ष मनपा को 20 मार्च से योजना बनानी पड़ी है।
पनवेल शहर के निवासियों को 32 मिलियन लीटर (एमएलडी) पानी की आवश्यकता होती है. यदि देहरंग स्थित अप्पासाहेब वेदक डैम का शेष जल भंडारण को पूरी तरह से बाहर निकाल दिया जाए तो मई तक जलाशय का सारा पानी समाप्त हो जाएगा. इसके लिए मनपा महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (एमजेपी) और महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (एमआईडीसी) के माध्यम से पातालगंगा नदी से पानी लेकर पनवेल शहर के नागरिकों को जलापूर्ति करती है. पनवेल मनपा के जलापूर्ति विभाग के उप अभियंता विलास चव्हाण द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार रविवार और सोमवार को पातालगंगा नदी से पानी की आपूर्ति कम हो जाती है. इसके अलावा अन्य समय मे तकनीकी मरम्मत के कारण पानी की आपूर्ति अनियमित होती है, इसलिए देहरंग डैम और पातालगंगा नदी की जल भंडारण की योजना बनाने के लिए पनवेल शहर में 9 विभिन्न जल निकायों से पानी की आपूर्ति की जा रही है।
अमृत योजना का कार्य अब भी धीमा
पनवेल निवासियों को वर्तमान में एमजेपी से 15 एमएलडी पानी की आपूर्ति मिलती है. गर्मियों के दौरान पानी की कमी से बचने के लिए पिछले साल मार्च में सरकार ने अमृत योजना के तहत पनवेल के लिए अतिरिक्त 10 एमएलडी पानी की आपूर्ति को मंजूरी दी थी. लेकिन एमजेपी की योजना अभी तक लागू नहीं हुई है, इसलिए पनवेल के लोगों को इस बढ़ी हुई जलापूर्ति का लाभ नहीं मिल पाया है. अमृत योजना के कार्य की धीमी गति के कारण निवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।