आमिर खान ने सत्यमेव जयते के जरिए समाज के कई ऐसे मुद्दों का उल्लेखन किया, जो समाज में बुराई का अभिप्राय बनते जा रहे हैं और प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आम वर्ग का शोषण कर रहे हैं. इस शो के लिए आमिर खान की खूब प्रशंसा की गई. यही नहीं इसे चीन समेत अन्य देशों में भी दिखाया गया. शो की शूटिंग के दौरान आमिर ने भारत भ्रमण किया और देश की समस्याओं के बारे में जाना. इस दौरान अपने अंदर आए बदलाव का जिक्र वे पहले भी कर चुके हैं. अब उन्होंने इस बात का भी खुलासा किया है कि शो को करते वक्त वे ऐसी स्थिति में आ गए थे जहां उन्हें डॉक्टर की मदद लेनी पड़ी थी.
आमिर ने कहा- ''मैं काफी ज्यादा संवेदनशील हो गया था. मुझे डॉक्टर से मदद लेने की भी जरूरत पड़ी थी. वो बहुत ही कठिन समय था. मुझे इससे पहले इस ढंग से लोगों की दर्दनाक कहानी को सुनने का कोई तजुर्बा नहीं था. मैं इन सब चीजों से पहले खुद को दूर रखता था. मेरे लिए पहले सीजन की जर्नी को पूरा करना काफी दर्दनाक था. मेरी स्थिति बिल्कुल भी ठीक नहीं थी. मैंने घर से बाहर निकलना बंद कर दिया था. यहीं नहीं एक समय तो ऐसा आ गया था जब मुझे लगने लगा था कि मैं भी उसी दर्द में हूं जिसमें ये लोग जी रहे हैं.'' फिल्मों की बात करें तो साल 2018 उनके लिए काफी निराशाजनक साबित हुआ. उनकी फिल्म ठग्स ऑफ हिंदोस्तान बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल दिखा पाने में असफल साबित हुई. फिल्म में अमिताभ बच्चन भी थे. ठग्स का बुरा हश्र हुआ और बड़े बजट में बनी इस फिल्म का बॉक्स ऑफिस काफी खराब रहा. इसके अलावा वे रूबरू रोशनी के नाम से एक डॉक्यूमेंट्री भी टीवी पर लेकर आए. इसे लोगों ने अच्छे रिव्यूज दिए.