मुंबई : ठाणे और मुलुंड स्टेशन और यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए शिवसेना की योजना इन दो स्टेशनों के बीच एक नया स्टेशन निर्माण करने की थी। बता दें कि ठाणेकरों को हो रही असुविधाओं को देखते हुए वर्ष २००४ से ही शिवसेना की योजना ‘कोपरी स्टेशन’ निर्माण की रही है। १४ साल के इस वनवास के बाद आखिरकार शिवसेना के प्रयत्नों को यश मिलता दिखाई दे रहा है। ११९.३१ करोड़ रुपए की लागत से तैयार होनेवाले शिवसेना के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को रेलवे और राज्य सरकार की हरी झंडी मिल गई है। माना जा रहा है कि ठाणे मनपा, स्टेशन निर्माण के लिए १२.३५ एकड़ भूखंड और २९.८३ करोड़ रुपए रेलवे को देते ही स्टेशन निर्माण का काम शुरू हो जाएगा।
बता दें कि साल २००४ से ही ठाणे में कोपरी स्टेशन को लेकर मांग हो रही है। ठाणे और मुलुंड के बीच ‘कोपरी स्टेशन’ निर्माण परियोजना को राज्य के ‘स्मार्ट सिटी’ पहल के अंतर्गत मान्यता मिली थी। यह स्टेशन ठाणे और मुलुंड स्टेशन के बीच बनाया जाएगा। रेलवे अधिकारियों की मानें तो योजना के अनुसार सब कुछ ठीक रहा तो ३ साल में स्टेशन बनकर तैयार हो जाएगा। इस नए स्टेशन का निर्माण ठाणे और मुलुंड स्टेशन के बीच ठाणे मेंटल हॉस्पिटल के भूखंड पर होगा। इस परियोजना की लागत ११९.३२ करोड़ रुपए है। रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार ने स्टेशन निर्माण के लिए १४ एकड़ भूखंड को ट्रांसफर करने की तैयारी पहले से ही कर दी है। ठाणे नगरपालिका मेंटल अस्पताल की ५० हजार वर्ग मीटर (१२.३५ एकड़) जमीन मध्य रेलवे को सौपेंगी। ये प्रक्रिया पूरी होते ही टीएमसी के सलाहकार और इंजीनियर डिजाइन फाइनल कर देंगे। फिलहाल रेल मिनिस्टरी, टीएमसी और ठाणे स्मार्ट सिटी लिमिटेड के बीच एग्रीमेंट होना बाकी है। जैसे ही ये सारी प्रक्रिया पूरी होंगी, ग्राउंड वर्क के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस कोपरी स्टेशन निर्माण को साल २०१७ में तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने हरी झंडी दी थी।
मुलुंड और ठाणे के बीच कोपरी स्टेशन का निर्माण होने से उपरोक्त दो स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ कम होगी। जानकारी के मुताबिक दो स्टेशनों के बीच कोपरी स्टेशन बनाने से ठाणे स्टेशन पर होनेवाली भीड़ ३२ फीसदी और मुलुंड स्टेशन पर होने वाली भीड़ का २५ फीसदी यात्री भार कम होगा। ठाणे मेंटल अस्पताल में मरीजों के लिए एक नई इमारत तैयार की जा रही है, जिसमें वर्तमान में रह रहे भूखंड पर से मरीजों को नई इमारत में शिफ्ट किया जाएगा। उसके बाद खाली हुए भूखंड पर स्टेशन निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा। यह स्टेशन तैयार होने में करीब ३ साल का समय लगेगा। मध्य रेलवे की योजना के मुताबिक मुलुंड और ठाणे के बीच जो कोपरी स्टेशन बनाया जाएगा, उसके ३ प्लेटफॉर्म होंगे। १० मीटर चौड़ा फुटओवर ब्रिज सहित ये स्टेशन तीन मंजिला होगा। मध्य रेलवे में सबसे अधिक यात्री लोकल में अधिक भीड़ के कारण हादसों का शिकार होते हैं और अपनी जान गवां बैठते हैं। ठाणे और मुलुंड के बीच औसतन ४ से ५ यात्री भीड़ के कारण हादसे का शिकार होते हैं। दो स्टेशनों के बीच एक नया स्टेशन तैयार हो जाने से हादसे रुकेंगे और रेल यात्रियों की जान भी बचेगी।