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फांसी में कुछ दिन बाकी, दोषियों ने नहीं बताई अंतिम इच्छा

निर्भया गैंगरेप के दोषियों की फांसी की तारीख नजदीक आ रही है. जेल मैन्युअल के मुताबिक, सजा-ए-मौत की सजा पाए कैदियों से फांसी से पहले उनकी अंतिम इच्छा के बारे में पूछा जाता है और उनकी इच्छा को पूरा कराया जाता है. निर्भया के दोषियों से भी यही सवाल किया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. दोषियों की फांसी की तारीख इससे पहले 22 जनवरी तय हुई थी. उस दौरान तिहाड़ जेल प्रशासन ने उनसे उनकी अंतिम इच्छा के बारे में पूछा था, लेकिन दोषियों ने जवाब नहीं दिया. अब जेल ने उनके परिवार को मिलने की इजाजत दी है, जो सामान्य प्रक्रिया है. वे सप्ताह में दो बार उनसे मिल सकते हैं. दोषियों से पहले ही पूछा जा चुका है कि क्या वे अपनी संपत्ति किसी और के नाम पर करना चाहते हैं, लेकिन इसका भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.

उधर प्रत्येक दोषियों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है. हर दोषी की सुरक्षा के लिए दो सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं, जो शिफ्ट में काम करते हैं. तिहाड़ अब तक तीन बार फांसी का ट्रायल कर चुका है. फांसी की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है वैसे-वैसे दोषियों ने खाना भी कम कर दिया है. वे कम खातें हैं और तनाव में हैं. दोषियों को हर रोज मेडिकल टेस्ट से गुजरना पड़ता है. रिपोर्ट सामान्य है. फिलहाल किसी अन्य दोषी ने दया याचिका नहीं दाखिल की है. इन सभी चीजों को देखते हुए फांसी की तैयारी भी जारी है. जल्लाद पवन 30 जनवरी को तिहाड़ पहुंच जाएंगे. निर्भया के निर्मम वारदात के 7 साल बाद फैसला आया है. निर्भया के परिवार की मांग है कि दोषियों को जल्द फांसी दी जाए ताकि समाज में एक कठोर संदेश जाए और आगे ऐसी कोई घटना न हो सके.



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