मुंबई: मॉडर्न टेक्नॉलजी के इस्तेमाल से रेलवे में कई नई योजनाएं शुरू होने जा रही हैं। बजट में टेक्नॉलजी आधारित योजनाओं को विकसित करने पर फोकस किया गया है।
-2023-24 तक पूरे भारतीय रेलवे के ब्रॉड गैज नेटवर्क पर विद्युतीकरण पूरा करने की योजना है। इससे ट्रेनों को रफ्तार मिलेगी और कार्बन उत्सर्जन कम किया जा सकेगा।
-2020-21 तक 3,750 रूट किमी का दोहरीकरण या तिहरीकरण किया जाएगा। इसमें मुंबई उपनगरीय रेलवे के भी कुछ हिस्से शामिल किए गए हैं।
-अडवांस सिग्नलिंग सिस्टम की सहायता से रेलवे परिचालन को सुरक्षित और गतिशील बनाया जाएगा। इसके अंतर्गत भारतीय रेलवे में सेंट्रलाइज्ड ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम (CTC) लगाया जा रहा है।
-CTC के पहले चरण में 8 जोनल रेलवे के 1,830 किमी पर सिग्नलिंग प्रणाली को बदला जाएगा। मुंबई उपनगरीय रेलवे पर भी कम्यूनिकेशन बेस्ड सिग्नलिंग सिस्टम का इस्तेमाल करने की योजना है। इससे लोकल ट्रेनों का हेड-वे 4 मिनट के बजाय 2 मिनट हो सकता है।
- इसरो (ISRO) की मदद से रियल टाइम ट्रेन इन्फर्मेशन सिस्टम डिवेलप किया जा रहा है। इससे ट्रेनों की पंच्युएलिटी सुधारने में मदद मिलेगी। आने वाली ट्रेन का वास्तविक समय भी पता चल सकेगा।
-टिकट कन्फर्मेशन का अनुमान लगाने के लिए आर्टिफिशल इंटेलिजेंस टेक्नॉलजी का इस्तेमाल होगा।
-मेक इन इंडिया के तहत तैयार की गई वंदे भारत एक्सप्रेस अभी 2 रूट पर चल रही हैं। इन्हें भविष्य में 44 नए रूट पर चलाया जाएगा।