गेल कंपनी महाराष्ट्र से चली गई विपक्ष सरकार पर आरोप ना लगाए, सच्चाई की जांच करें- उद्योग मंत्री उदय सामंत
पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार की योजनाओं से महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार निर्माण हुआ - उद्योग मंत्री उदय सामंत
मुंबई। डोंबिवली एमआईडीसी में विस्फोट हुआ उसके लिए प्रमुख सचिव उद्योग, प्रमुख सचिव श्रमिक और प्रमुख सचिव पर्यावरण की एक उच्च स्तरीय समिति नियुक्त की गई है. वे तीन सप्ताह में रिपोर्ट सौंपेंगे. वे ए, बी, सी श्रेणी के उद्योगों की समीक्षा करने वाले हैं. जिस कंपनी ने नियमों का उल्लंघन किया है या अनाधिकृत निर्माण किया है, उसकी भी समीक्षा की जाएगी. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने डोंबिवली दौरे पर कुछ निर्देश दिए हैं जिनका इस समिति और संबंधित अधिकारियों द्वारा सख्ती से पालन किया जाएगा. यह जानकारी आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने दी. उन्होंने आज मंत्रालय में इससे संबंधित समीक्षा बैठक की।
उन्होंने कहा कि दो साल पहले एमआईडीसी और उसकी रासायनिक कंपनियों को स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया था। 2022 में प्रस्ताव भी किया गया. पिछले एक वर्ष से पाताल गंगा, जाम्भावली में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. लेकिन आचार संहिता के कारण इसे रोक दिया गया था, अब हम चुनाव आयोग को पत्र लिखकर उद्यमियों को सीटें आवंटित करने की अनुमति दिया जाए और इसके लिए प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध करने जा रहे हैं, यह आज की बैठक में निर्णय लिया गया. डोंबिवली ब्लास्ट में करीब 13 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. व्यावसायिक घाटा 12 करोड़ और आवासीय घाटा 1 करोड़ 66 लाख है. महाराष्ट्र सरकार इन सभी नुकसानों की भरपाई के लिए सकारात्मक है. मृतकों और गंभीर रूप से घायल होकर भर्ती हुए लोगों का खर्च सरकार उठाएगी. हम सबकी मदद करेंगे. इस संबंध में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पहले ही निर्देश दे चुके हैं. जिन कंपनियों के पास बीमा है उन्हें इस वक्त मदद की जरूरत महसूस नहीं हो रही है. भविष्य में कंपनी को महाराष्ट्र के एमआईडीसी और केमिकल जोन में स्थानांतरित करने के प्रयास चल रहे हैं. सरकार उसके लिए कदम उठा रही है. जिन कंपनियों ने नियमों का पालन नहीं किया. नियमों का उल्लंघन करने वालों को इस संबंध में नोटिस जारी किए गए हैं. राज्य सरकार इस बात का ध्यान रखेगी कि स्थानांतरण के दौरान इन कंपनियों को कोई नुकसान न हो।
उदय सामंत ने आगे कहा कि कुछ दिन पहले विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया था कि गेल के महाराष्ट्र से बाहर जाने के लिए सरकार जिम्मेदार है. मैं उनसे कहना चाहूंगा कि गेल कंपनी के घाटे के लिए हमें जिम्मेदार न ठहराएं. गेल कंपनी ने महाराष्ट्र सरकार को पूरा प्रस्ताव नहीं सौंपा था. उन्होंने रत्नागिरी में जगह मांगी थी, उस समय एमआईडीसी के पास कोई जगह उपलब्ध नहीं थी. जब उपलब्ध हुआ तो उन्होंने सीधे हमारे अधिकारियों को बताया कि पिछले दो बार रिफाइनरी के लिए क्या हुआ, विरोध हुआ, राजनीतिक दबाव था. उन्हें रिफाइनरी चाहिए या नहीं उन्होंने सही बताया ही नही इसलिए उन्होंने आगे कोई प्रस्ताव नहीं रखा।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार ने स्थानीय स्तर की कंपनियों, जिला स्तर की कंपनियों के लिए विस्तार और निवेश की योजना बनाई थी. जिससे छत्रपति संभाजी नगर 568 करोड़, नासिक 975 करोड़, अमरावती 229 करोड़, नागपुर 159 करोड़, पुणे 305 करोड़, कोंकण 416 करोड़ यानी कुल एमओयू 2652 करोड़ और निवेश छत्रपति संभाजी नगर 10307 करोड़, नासिक 21733 करोड़, अमरावती 3746 करोड़, नागपुर 17848 करोड़ करोड़, पुणे 21806 करोड़ और कोंकण 21549 करोड़ यानी कुल निवेश 96681 करोड़ है और इस तरह 231330 नौकरियां निर्माण हुई हैं.साथ ही मुख्यमंत्री रोजगार योजना से 2019-2020 में 1220 उद्यमी तैयार हुए. 20-21 में 4812 उद्यमी, 21-22 में 4093 उद्यमी, 22-23 में 12336 उद्यमी और इस वर्ष 19800 उद्यमी यानी दो साल में 31000 उद्यमी बने हैं. इसका मतलब है कि मुख्यमंत्री रोजगार योजना के माध्यम से 90000 नौकरियां निर्माण हुई हैं और जिला स्तर पर 2 लाख नौकरियां निर्माण हुई हैं. इसलिए विपक्ष को आंकड़ों और कागजों पर नजर डालनी चाहिए न कि राजनीति करनी चाहिए. मैग्नेटिक महाराष्ट्र एक बड़ा कार्यक्रम है जो हम अगस्त या सितंबर में कर रहे हैं, यह महाराष्ट्र में बहुत सारा निवेश भी लाएगा और यह बहुत सारे रोजगार निर्माण करेगा, ऐसा उद्योग मंत्री उदय सामंत ने कहा।