नरगिस फाखरी स्टारर हॉरर फिल्म ‘अमावस’ की रिलीज की तैयारी में जुटे निर्देशक भूषण पटेल का फिल्मों पर ताजा बयान सामने आया है. उनका कहना है कि भारतीय दर्शकों की हिंदी हॉरर फिल्मों की तुलना हॉलीवुड फिल्मों से करना बजट और फिल्मों के बाजार के लिहाज से बिल्कुल ‘अन्याय’ है. पटेल ने मीडिया से कहा, ‘मुझे वास्तव में समझ नहीं आता कि दर्शक और समीक्षक हिंदी हॉरर फिल्मों की तुलना हॉलीवुड फिल्मों से क्यों करते हैं. यह अन्याय है क्योंकि न तो हमारे पास हॉलीवुड फिल्म जैसा बजट होता है और न ही बाजार.’
उन्होंने कहा, ‘क्यों लोग हिंदी रोमांटिक-कॉमेडी की तुलना हॉलीवुड रोमांटिक-कॉमेडी से नहीं करते? बॉलीवुड का कोई भी सुपरस्टार हॉरर फिल्मों में अभिनय करने में रूचि नहीं रखता. इसलिए हम प्रोडक्शन गुणवत्ता को बेहतर नहीं बना सकते और न ही हमें उतने दर्शक मिलते हैं.’ ‘१९२० : इविल रिटर्न्स’, ‘रागिनी एमएमएस २’ और ‘अलोन’ जैसी फिल्मों के लिए प्रसिद्ध निर्देशक ने कहा, ‘सिंगल थिएटर में बड़ी संख्या में लोग मेरी फिल्में देखने आते हैं और इसलिए वह पैसा कमा पाती हैं. नहीं तो मैं एक के बाद हॉरर फिल्में नहीं बनाना चाहूंगा.’
हालांकि पटेल ने हॉरर शैली में अनुष्का शर्मा और श्रद्धा कपूर जैसी प्रसिद्ध अभिनेत्रियों द्वारा क्रमश ‘परी’ और ‘स्त्री’ फिल्मों में अभिनय करने पर उनकी सराहना की. ‘अमावस’ एक हॉरर फिल्म है, जिसमें नरगिरस फाखरी, सचिन जोशी, विवान भटेना, मोना सिंह और अली असगर मुख्य भूमिका में हैं. फिल्म एक फरवरी को रिलीज के लिए तैयार है. नरगिस फाखरी का कहना है कि उन्हें हॉरर फिल्में देखने में मजा आता है क्योंकि वे रोमांच से भरपूर होती हैं और मजेदार अनुभव प्रदान करती हैं. हॉरर फिल्मों में दिलचस्पी के बारे में नरगिस ने मीडिया से कहा, ‘मुझे अलौकिक हॉरर फिल्में पसंद हैं क्योंकि ये आपको डराती हैं.’
नरगिस फाखरी ने कहा, ’हॉरर फिल्में आपको एक ऐसी दुनिया में ले जाती है जहां कहानी सामने आती है और चीजें हरकत में आती हैं..यह दिलकश होती हैं. डरावनी कहानी देखकर रोमांच महसूस होता है और यह लत के समान है. अमावस ही केवल एक डरावनी कहानी है, जो पिछले छह वर्षों में मेरे सामने आई और इसलिए मैं इसे पढ़कर तुरंत उत्साहित हो गई.’