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साली से शादी करने को कारोबारी ने सुपारी देकर कराई थी पत्नी की हत्या, ऐसे हुआ खुलासा

लोनी के बेहटा हाजीपुर में चार दिन पहले कारोबारी की पत्नी की हत्या के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस का दावा है कि यह वारदात खुद कारोबारी आसिफ ने दो लाख की सुपारी देकर कराई है। आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में बताया है कि उसने पिछले डेढ़ साल में दो बार अपनी पत्नी को जहर देकर मारने की कोशिश की, लेकिन जब सफल नहीं हुआ तो सुपारी दे दी। उसने वारदात के पीछे अपनी साली के साथ प्रेम प्रसंग को कारण बताया।

कारोबारी ने कहा कि वह अपनी साली के साथ शादी करना चाहता था। पुलिस ने इस मामले में कारोबारी के साथ वारदात को अंजाम देने वाले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। यह दोनों आरोपी झोलाछाप डॉक्टर हैं। पुलिस की जांच में पता चला है कि कारोबारी आसिफ के अपनी पत्नी के साथ संबंध अच्छे नहीं थे। वहीं तीन साल से वह साली के साथ प्रेम कर रहा था। ऐसे में वह पत्नी को मारकर साली के साथ निकाह करना चाहता था। इसके लिए आरोपी ने दोनों डाक्टरों की मदद से दो बार पत्नी को दवाई से मारने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुआ। फिर इन्हीं डॉक्टरों की मदद से दो लाख रुपयों में सुपारी किलर हायर किया। आरोपी ने 90 हजार रुपये अग्रिम देते हुए तय किया था कि सुपारी किलर गला दबाकर हत्या करेंगे। इसके बाद घर से करीब एक लाख की नगदी और जेवरात लूट लेंगे। लूटी गई रकम ही सुपारी की रकम होगी।

डेढ़ साल से मारने का प्रयास कर रहा था : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि पत्नी समरीन की हत्या के लिए आरोपी आसिफ ने बीते डेढ़ साल में दो बार प्रयास किया। झोलाछाप डाक्टरों रविन्द्र और संदीप ने ही तीस हजार रुपये लेकर उसे यह इंजेक्शन लगाए थे। यह सफल नहीं हुआ तो तीसरे प्रयास में इन लोगों ने गला दबाने का फैसला किया। इसके लिए रवि के कहने पर आसिफ ने संदीप से संपर्क साधा। वहीं संदीप ने अपने दूर के साले सुनील शर्मा निवासी मुरादाबाद से आसिफ की मुलाकात कराई। जिसने वारदात को अंजाम दिया। सुनील पेशेवर अपराधी है। उसके खिलाफ मुरादाबाद और उत्तराखंड में मामले दर्ज हैं।

एसएसपी ने बताया कि आसिफ ने खुद ही 11 जनवरी की रात करीब 9 बजे सुनील और उसके दो अन्य साथियों को अपने घर में घुसाया था। हालांकि उस समय आसिफ ने इन्हें ग्राउंड फ्लोर पर बने स्टोर में छिपा दिया था। वारदात में आसिफ भी शामिल था, लेकिन बाद में उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए बदमाशों से अपने हाथ पांव बंधवा लिए। उसने अपने बड़े बेटे आतिफ व साले जुनैद को भी गुमराह करने की कोशिश की।

वारदात की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी और पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) नीरज कुमार जादौन को क्राइम सीन देखते ही पहला शक आसिफ पर ही गया। इसके बाद एसएसपी के निर्देश पर जांच टीम ने लगातार आसिफ की निगरानी की। यहां तक कि मेरठ में जब वह अपनी पत्नी का अंतिम संस्कार करने गया तब भी वह पुलिस की नजर में था। इस बीच सोमवार की शाम को पुलिस के हाथ कुछ पुख्ता सबूत लग गए। इसके बाद मंगलवार को पुलिस ने दोनों झोला छाप डॉक्टरों के साथ आसिफ को भी गिरफ्तार कर लिया।



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