बैंक से लिया लोन न चुका पाने वाली गांव राजगढ़ की महिला को पुलिस ने गुरुवार को कोर्ट के आदेश पर गिरफ्तार किया। ढाई घंटे बाद ही गोशाला संचालक पति ने घर में ही फंदा लगाकर जान दे दी। घटना से गुस्साए लोगों ने हंगामा किया और आरोप लगाया कि पुलिस ने गिरफ्तारी की कार्रवाई के दौरान अभद्रता की। इससे आहत होकर महिला के पति ने आत्महत्या कर ली। शिकायत पर पुलिस ने चौकी प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि चौकी प्रभारी ने किसी भी प्रकार की मारपीट और अभद्रता के आरोप को निराधार बताया।
पुलिस के अनुसार गांव राजगढ़ के अमर सिंह की पत्नी निर्मला देवी ने पंजाब नेशनल बैंक से 80 हजार रुपये का ग्रुप लोन लिया था। किस्त न चुका पाने के कारण लोन की राशि ब्याज सहित 1.44 लाख रुपये हो गई थी। बैंक ने चेक बाउंस होने पर निर्मला के खिलाफ कोर्ट में याचिका दी थी। एक महीने पहले निर्मला को कोर्ट में पेश होना था लेकिन वह पेश नहीं हुई। कोर्ट ने पुलिस को गुरुवार को निर्मला को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया था। सुबह 5:30 बजे भाड़ावास चौकी इंचार्ज और दो पुलिसकर्मी उसे गिरफ्तार करने पहुंचे थे। महिला के पति अमर सिंह ने पुलिस से बैंक खुलते ही राशि जमा करने की बात कही। पुलिस ने कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए महिला को गिरफ्तार कर लिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि पत्नी की गिरफ्तारी और पुलिस की अभद्रता के कारण आहत अमर सिंह ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। महिला को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जमानत मिल गई। निर्मला का आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने गिरफ्तारी के दौरान उनके साथ मारपीट की। पति बचाव में आए तो उनसे भी अभद्रता और मारपीट की।