लॉज में बैठकर नोट छापने वाले 2 गिरफ्तार
नवी मुंबई। फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (एफआईयू) ने नवी मुंबई में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार की है. यूनिट को जानकारी मिली थी कि नवी मुंबई के महापे स्थित एक लॉज में एक महिला और एक पुरुष नकली नोट छाप रहे हैं. आरोपियों की पहचान विवेक कुमार प्रेमबाबू पिपले ( 35) और अश्विनी विश्वनाथ सरोदे ( 36) के रूप में हुई है. मिली जानकारी के मुताबिक, दोनों आरोपी पिछले चार महीने से कृष्णा पैलेस लॉज में रह रहे थे. एफआईयू अधिकारियों ने लॉज में छापेमारी की. यहां से 13 मोबाइल फोन, स्कैनर, प्रिंटर और लैपटॉप जब्त किए गए हैं. अधिकारियों के मुताबिक वे भाई-बहन होने का दावा कर रहे हैं. लेकिन, इस संबंध में अभी और जांच चल रही है।
प्राप्त जानकारी अनुसार दोनों पिछले एक साल से बेरोजगार थे. बताया जा रहा है कि सरोदे पहले बैंक में सेल्स विभाग में कार्यरत थी, जबकि पिपले सेकेंड-हैंड कार डीलर था. वह पिछले चार महीने से लॉज में रह रहे थे. खाना हमेशा ऑनलाइन ऑर्डर करते थे. अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी के दौरान उन्हें लैपटॉप पर स्कैन किए हुए 500 और 100 रुपये के नोट मिले. जब्ती के दौरान अधिकारियों को स्याही, बांड पेपर मिले हैं. इसका उपयोग प्रिंटआउट लेने के लिए किया जाता था. अधिकारियों को 77,000 असली नकदी और 81,000 रुपये के नकली नोट मिले हैं. दोनों कारों में घूमते थे और लॉज में रुकते थे. वे एक लक्जरी जीवन जी रहे थे. उनके पास कोई नौकरी नहीं थी. बिना किसी नौकरी के ऐशोआराम से रहने के कारण उनपर संदेह बढ़ गया. अधिकारियों ने बताया कि अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि उन्होंने अब तक कितने रुपये के नोट छापे हैं. यूनिट के अधिकारियों ने आगे कहा कि पिपले के पास फर्जी पहचान पत्र था, जो खुद को रक्षा बल अधिकारी होने का दावा करता था. वह टोल बूथ से बिना भुगतान किए निकल जाता था. इसके लिए वह पहचान पत्र की मदद लेता था. पिपले की मां पनवेल में रहती हैं, जबकि सरोदे की मां खारघर में रहती हैं. सरोदे अपनी मां को छोड़कर एक लॉज में रह रही थी. इसके बाद पिपले भी वहां आ गया. शनिवार को आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने दोनों को 25 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है.