आगरा : आगरा के नाई की मंडी क्षेत्र में पांच वर्ष पहले सात साल की मासूम बच्ची से उसी के घर की एक कोठरी में दरिंदगी करने वाले जूता कारीगर को अदालत ने आखिरी सांस तक कारावास की सजा सुनाई है। दरिंदे ने मासूम की जीभ को दांतों से काटकर अलग कर दिया था। शरीर पर कई जगह दांत गाड़े थे। बच्ची चिल्लाई तो गला घोंटकर उसकी हत्या की कोशिश भी की। स्पेशल जज (पॉक्सो एक्ट) वीके जायसवाल ने उस पर 2.5 लाख अर्थदंड भी लगाया है। इसमें से एक लाख पीड़िता को दिया जाएगा। मधुनगर सेवला निवासी जूता कारीगर सिंधी (42) बच्ची के पिता का दोस्त था। इस कारण बच्ची उसे मामा कहती थी। घर पर उसका आना-जाना था। छह अक्तूबर, 2014 की रात भी आया हुआ था। करीब 11 बजे वह बच्ची को कमरे में अकेला पाकर उठा ले गया। पास में कोठरी में ले जाकर उससे दुष्कर्म किया। बच्ची की चीख निकलने पर भाग गया। पुलिस ने केस दर्ज किया दुष्कर्म की कोशिश में, लेकिन 16 दिसंबर, 2012 को दिल्ली के निर्भया कांड के बाद तीन फरवरी, 2013 से प्रभावी हुए दुष्कर्म के नए कानून के तहत कोर्ट में मामला दुष्कर्म का पाया गया। इसी के तहत केस चला। विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट विमलेश आनंद ने बताया कि कोर्ट में पांच गवाह पेश किए गए। कोर्ट ने दोष सिद्ध सिंधी को शेष प्राकृत जीवन के लिए कारावास की सजा सुनाई।